Indian Railway main logo Welcome to Indian Railways
     
View Content in English
National Emblem of India

डी.रे.का के बारे में

विभाग

डीज़ल पोर्टल

निविदा सूचना

संभारक सूचनाएँ

समाचार एवं घटनाए

हमसे संपर्क करें

ऑर्गनाइज़ेशन
संगठनात्मक सामर्थ्य
गुणवत्ता आश्वासन
हमारी गुणवत्ता नीति
उत्पादन
पोर्टल नीतियां
पर्यावरणीय/सामाजिक अनुस्थापन
वर्तमान के महत्वपूर्ण घटना एवं भविष्य की योजना
अभिकल्प एवं विकास क्षमताएँ
शक्तियों की अनुसूची
राजपत्रित अधिकारियों की संपत्ति का विवरण दिनांक 01.01.2018
आगन्तुक
फोटो गैलरी
स्वच्छ भारत मिशन
रेल हमसफर सप्ताह


Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS

संक्षिप्त इतिहास:

अप्रैल
1956
भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति स्‍व.डॉ.राजेन्‍द्र प्रसाद द्वारा कारखाने का शिलान्‍यास
अगस्त
1961
डीजल रेल इंजन कारखाना का प्रादुर्भाव
जनवरी
1964
स्व.श्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा बड़ी लाइन के प्रथम रेल इंजन (डबल्यू.डी.एम.-2) का लोकार्पण
नवम्बर
1968
स्व.श्री मोरारजी देसाई द्वारा प्रथम मीटर लाइन के रेल इंजन (वाई.डी.एम.-4) का लोकार्पण
फरवरी
1975
बड़ी लाइन के प्रथम शंटिंग रेल इंजन (डबल्यू.डी.एस.-6) का निर्माण
जनवरी
1976
तंजानिया को रेल इंजनों का निर्यात
मार्च
1977
1000वें रेल इंजन का निर्माण
दिसम्बर
1977
प्रथम डीजल जनित्र सेट का लोकार्पण
मई
1984
वियतनाम को रेल इंजनों का निर्यात
अगस्त
1994
प्रथम 3100 .. डबल्यू.डी.एम.2सी रेल इंजन का लोकार्पण
अप्रैल
1995
प्रथम 2300 ..डबल्यू.डी.पी. 1 पैसेन्जर रेल इंजन का लोकार्पण
जुलाई
1995
प्रथम 3100 ..डबल्यू.डी.जी. 2 फ्रेट रेल इंजन का लोकार्पण
दिसम्बर
1995
श्री लंका को रेल इंजनों का निर्यात
अप्रैल
1996
बांगलादेश को रेल इंजनों का निर्यात
फरवरी
1997
आई.एस..-9002 प्रमाण-पत्र से पुरस्कृत
अक्टूबर
1997
मेसर्स पुत्तलम सीमेंट कंपनीश्रीलंका को रेल इंजन का निर्यात
अगस्त
1998
प्रथम 3100 .. डबल्यू.डी.पी. 2 पैसेन्जर रेल इंजन का लोकार्पण
मार्च
1999
4000वें रेल इंजन का निर्माण
अगस्त
1999
प्रथम पी.के.डी. डबल्यू. डी.जी. 4 रेल इंजन का लोकार्पण
मार्च
2001
आई.एस..-14001 प्रमाण-पत्र से पुरस्कृत
अप्रैल
2002
डीरेका निर्मित प्रथम 4000 . डबल्यू.डी.जी. 4 रेल इंजन का लोकार्पण
जून
2002
डीरेका निर्मित प्रथम  3300 .  डबल्यू.डी.जी. 3 सी रेल इंजन का लोकार्पण
जून
2005
2.4 मेगा वाट के डीजल जनित्र सेट का लोकार्पण
सितम्बर
2005
ओहसास-18001:1999 से प्रमाणित।
नवम्बर
2006
प्रथम आई.जी.बी.टीआधारित डबल्यू.डी.जी. 4 रेल इंजन का निर्माण
जनवरी
2007
5000वें रेल इंजन का निर्माण
नवम्बर
2008
मोजाम्बिक को रेल इंजनों का निर्यात
अक्टूबर
2010
प्रथम डुएल कैब डबल्यू.डी.पी. 4डी रेल इंजन का निर्माण
फरवरी
2012
प्रथम 5500 अश्‍व शक्ति डबल्यू.डी.जी. 5 रेल इंजन का निर्माण
नवम्‍बर
2012
प्रथम डुएल कैब डबल्यू.डी.जी. 4डी रेल इंजन का निर्माण
जनवरी
2013
स्‍वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश
अप्रैल
2013
नई विशेषताओं  के साथ विशेष डुएल कैब डबल्यू.डी.पी. 4 डी रेल इंजन का निर्माण
अप्रैल
2013
डीरेका को भारतीय रेल के सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2012-13’ का पुरस्‍कार
जुलाई
2013
1000वें उच्‍च अश्‍व शक्ति रेल इंजन का निर्माण
जनवरी
2014
स्‍वर्ण जयंती रेल इंजन डबल्यू.डी.पी. 4बी प्रतीक’ का निर्माण
सितम्‍बर
2014
7051वें रेल इंजन का निर्माण
दिसम्‍बर
2014
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा डीरेका के विस्‍तारीकरण परियोजना का शुभारम्‍भ
अप्रैल
2016
रेल मंत्रालय द्वारा डीरेका को भारतीय रेल के “सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2015-16” का पुरस्‍कार
अप्रैल
2016
वैकूम टाइप बायो-टॉयलेट सुविधा से युक्‍त प्रथम रेल इंजन डब्‍ल्‍यू.डी.जी.-4डी का निर्माण
अक्टूबर
2016
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा डीरेका के विस्‍तारीकरण परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण
दिसम्‍बर
2016
2000वें उच्‍च अश्‍व शक्ति रेल इंजन का माननीय रेल राज्य मंत्री द्वारा लोकार्पण
फरवरी
2017
प्रथम विद्युत लोकोमोटिव डबल्यूएपी 7 का निर्माण
मार्च
2017
डी.रे.का. ने ऊर्जा प्रबंधन हेतु  आईएसओ 50001: 2011 का प्रमाणीकरण प्राप्त किया. साथ ही ग्रीनको ग्रीन कंपनी रेटिंग सिस्टम के अंतर्गत ग्रीनको सिल्वर रेटिंग प्राप्त किया
मार्च
2017
प्रथम उच्‍च अश्‍व शक्ति रेल इंजन गैर रेलवे ग्राहक (मे. ओपीजीसी) को प्रेषित
मार्च
2017
317 उच्‍च अश्‍व शक्ति एवं 2 विद्युत रेल इंजनों सहित किसी भी एक वित्त वर्ष की अवधि में अब तक के सर्वाधिक 334 लोकोमोटिव का उत्‍पादन
अप्रैल
2017
रेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष डीरेका को भारतीय रेल के “सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2016-17” का पुरस्‍कार
अगस्त
2017
धातु सामग्रियों के फ्यूजन वेल्डिंग हेतु आईएसओ 3834 का प्रमाणीकरण प्राप्त किया
जनवरी
2018
प्रयोगशालाओं के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त की
मार्च
2018
  • दो पुराने डीजल रेल इंजनों (WDG3A) को विद्युत् रेल इंजन (WAGC3) में सफलतापूर्वक रूपांतरित किया गया. यह दुनिया में पहली बार हुआ है.
  •  डीरेका में 5 एस कार्यस्थल प्रबंधन प्रणाली का कार्यान्वयन
अप्रैल
2018
रेल मंत्रालय द्वारा लगातार तीसरे वर्ष डीरेका को भारतीय रेल के “सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2017-18” का पुरस्‍कार



Source : Welcome to DLW Official Website CMS Team Last Reviewed on: 21-04-2018  

  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.